
प्रकाश-पर्व
Fête des Lumières
दिसम्बर की चार शामों के लिए ल्यों अपने चौक, अगवाड़े, बाग़ और नदी-किनारे प्रकाश-कलाकारों को सौंप देता है, और शहर के लोग आज भी खिड़की की पटरी पर रंगीन छोटी मोमबत्तियाँ रखते हैं — यह चलन 8 दिसम्बर 1852 को शुरू हुआ था। सब कुछ नि:शुल्क है और बीस लाख से अधिक लोग आते हैं।
5–8 दिसंबर 2026आधिकारिक घोषणा


